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મેઘધનુષ

प्रथम वंदनीय गणपति देवा

                              આજે ભાદરવા સુદ ચૌદસ [ગણેશ વિસર્જન]                    

प्रथम वंदनीय गणपति देवा

प्रथम वदनीय गणपति देवा, पूरे जगकी करता तू सेवा,
प्रथम वदनीय गणपति देवा, प्रथम वदनीय गणपति देवा

‘ग’से गुरुवर, ‘न’से नंदामाता, ‘स’रूपी सुचितमें समाता,
वंदे इन्हें हम, करें इनकी सेवा, प्रथम वदनीय गणपति देवा

गुरु गणेश दोनों ज्ञानको दाता, दुःखनिवारक सुखके दाता,
पूरन होंगे हम करें इनकी सेवा प्रथम वदनीय गणपति देवा

कर्म भक्तिसे दोनों मिलते, भक्त अभक्तके मनमें रहते,
परिपूरण दोनों देवोके देवा, प्रथम वदनीय गणपति देवा

काज संभारो हम है बच्चे, गलती करें हम माफ करो सच्चे,
तेरी कृपा बीन पूरी न पूजा, प्रथम वदनीय गणपति देवा

               — बापू तेरो नाम

 

                                          ॐ नमः शिवाय



Source: મેઘધનુષ

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